खाद्यान्न सुरक्षा मंत्रालय और केंद्र सरकार ने देश के सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक ही पहुँचे।
ई-केवाईसी क्यों है अनिवार्य?
ई-केवाईसी (आधार से सत्यापन) से फर्जी लाभार्थियों को हटाने, नए सदस्यों को जोड़ने और कार्डधारकों की जानकारी को सत्यापित करने में बड़ी मदद मिलेगी, जिससे खाद्यान्न वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
महत्वपूर्ण जानकारी और डेडलाइन
- समय सीमा (डेडलाइन): केंद्र सरकार ने राज्यों को अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार ई-केवाईसी की अंतिम तिथि घोषित करने का अधिकार दिया है। आपको अपने राज्य की डेडलाइन के अनुसार यह प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करनी होगी।
- अनिवार्यता: फ्री राशन और अन्य सरकारी लाभ बिना बाधा प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी अपडेट करना अत्यंत आवश्यक है।
ई-केवाईसी अपडेट के लिए आवश्यक दस्तावेज़
प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों को तैयार रखें:
- राशन कार्ड
- आधार कार्ड
- खाद्यान्न पर्ची (Food Slip)
- समग्र आईडी (यदि लागू हो)
- बैंक पासबुक
- सक्रिय मोबाइल नंबर
ई-केवाईसी पूरा करने के तरीके
आप दो तरीकों से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं:
- मोबाइल ऐप के जरिए (घर बैठे)
- ‘मेरा KYC’ और ‘Face RD’ जैसे एंड्रॉयड मोबाइल ऐप्स का उपयोग करके घर बैठे ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है।
- इसमें आधार नंबर दर्ज करने के बाद OTP सत्यापन होता है, और फिर फेस स्कैन के माध्यम से पहचान की पुष्टि की जाती है।
- CSC केंद्र पर जाकर
- आप नज़दीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) या किसी कंप्यूटर केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
- सरकार ने प्रक्रिया को मुफ्त रखा है, लेकिन केंद्र संचालक अधिकतम ₹५० तक का पोर्टल शुल्क ले सकता है।
समय पर ई-केवाईसी न कराने पर क्या होगा?
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा तक ई-केवाईसी नहीं कराने पर:
- आपका राशन कार्ड निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया जाएगा।
- आप सरकारी योजनाओं और फ्री राशन का लाभ प्राप्त नहीं कर पाएँगे।
सभी राशन कार्ड धारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने राज्य की डेडलाइन के अनुसार जल्द से जल्द ई-केवाईसी अपडेट करा लें। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय खाद्यान्न विभाग या राज्य की आधिकारिक वेबसाइट से संपर्क करें।