पोस्ट ऑफिस की मासिक आय योजना (Monthly Income Scheme – MIS) उन निवेशकों के बीच बहुत लोकप्रिय है जो अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना चाहते हैं और साथ ही हर महीने एक निश्चित आय (Fixed Income) पाना चाहते हैं। यह योजना सरकारी गारंटी के साथ चलती है, इसलिए यह सेवानिवृत्त लोगों, नौकरीपेशा कर्मचारियों और गृहिणियों के लिए सबसे भरोसेमंद स्कीम मानी जाती है।
पोस्ट ऑफिस MIS स्कीम क्या है?
MIS स्कीम एक ऐसी योजना है जहाँ निवेशक एक बार में एक बड़ी राशि जमा करता है, और फिर उस जमा राशि पर उसे हर महीने ब्याज मिलता रहता है। यह एक स्थिर मासिक आय देने वाली योजना है, जिसमें आपकी मूल पूंजी पोस्ट ऑफिस में पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
२०२५ की नई ब्याज दर और कैलकुलेशन
- वर्तमान ब्याज दर: साल २०२५ में इस स्कीम की ब्याज दर लगभग ७.४% सालाना के आसपास है। यह ब्याज दर हर महीने आपके खाते में जमा की जाती है।
- ब्याज दर की समीक्षा: सरकार हर तीन महीने पर इस ब्याज दर की समीक्षा करती है, इसलिए यह दर थोड़ी आगे-पीछे हो सकती है।
₹५ लाख जमा करने पर मासिक आय का सच
कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या MIS में ₹५ लाख जमा करने पर हर महीने ₹११,००० की आय होती है। गणितीय रूप से, यह संभव नहीं है।
ब्याज का हिसाब जमा राशि के प्रतिशत में निकलता है:
- सालाना ब्याज: ₹५,००,००० पर ७.४% की दर से सालाना ब्याज लगभग ₹३७,००० बनता है।
- मासिक आय: इस सालाना ब्याज को अगर १२ महीनों में बांटा जाए, तो मासिक आय लगभग ₹३,०८३ के आसपास बनती है।
यह स्पष्ट है कि ₹५ लाख जमा करने पर ₹११,००० प्रति माह मिलना संभव नहीं है। ₹११,००० प्रति माह कमाने के लिए आपको संयुक्त खाते में एक बड़ी राशि जमा करनी होगी।
स्कीम में जमा करने की अधिकतम सीमा
MIS में अधिकतम जमा राशि की सीमा तय की गई है, जिसका फायदा संयुक्त खाताधारक उठा सकते हैं:
- व्यक्तिगत खाता (Single Account): कोई भी व्यक्ति अकेले खाते में अधिकतम ₹९ लाख तक जमा कर सकता है।
- संयुक्त खाता (Joint Account): संयुक्त खाते (दो या तीन सदस्यों के साथ) में यह सीमा अधिकतम ₹१५ लाख तक की होती है।
यदि परिवार के सदस्य मिलकर संयुक्त खाते में बड़ी रकम डालते हैं, तभी मासिक आय बढ़ सकती है और यह स्कीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें जोखिम रहित, भरोसेमंद मासिक आय की ज़रूरत होती है।
MIS स्कीम क्यों है फायदेमंद?
- सरकारी गारंटी: इसमें जमा किया गया पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और इसकी गारंटी खुद भारत सरकार देती है।
- निश्चित आय: हर महीने की शुरुआत में एक निश्चित रकम सीधे आपके खाते में आ जाती है, जिससे घर का बजट संभालना आसान हो जाता है।
- सरल प्रक्रिया: एक बार खाता खुलने और पैसा जमा होने के बाद, सारी प्रक्रिया अपने आप चलती रहती है, किसी तरह की झंझट नहीं होती।